नीमच। भारतीय किसान संघ जिला नीमच की आवश्यक बैठक गायत्री शक्तिपीठ भोलियावास में क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रांत कार्यकारिणी एवं जिला प्रभारी भंवरसिंह पवार की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए लैंड पूलिंग एक्ट को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया यह एक्ट किसानों की जमीन हड़पने जैसा है, जो ब्रिटिश शासन की डलहौजी की ‘हड़प नीति’ की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ हर 12 वर्ष में लगता है और किसान स्वेच्छा से अपनी भूमि मेला आयोजन के लिए देते आए हैं। लेकिन सरकार स्थायी निर्माण की तैयारी कर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब किसान स्वयं धर्म और परंपरा के प्रति समर्पित होकर अपनी जमीन मेले के लिए उपलब्ध कराता है, तो ऐसे किसान-विरोधी कानून की आवश्यकता ही क्या है?
18 नवंबर से उज्जैन में होगा "घेरा डालो, डेरा डालो" आंदोलन
लैंड पूलिंग एक्ट के विरोध में भारतीय किसान संघ 18 नवंबर से उज्जैन में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगा। चौधरी ने बताया कि जब तक सरकार यह कानून वापस नहीं लेती, तब तक किसान आंदोलन स्थल पर डटे रहेंगे।
नीमच जिले से भी 100 वाहनों में लगभग 700 किसान इस आंदोलन में शामिल होंगे।
बैठक में प्रांत कार्यकारिणी सदस्य निलेश पाटीदार, जिला अध्यक्ष सुरेशचंद्र धाकड़, जिला मंत्री विष्णुप्रसाद नागदा, जिला उपाध्यक्ष जमनालाल पाटीदार, जिला कोषाध्यक्ष रामगोपाल धाकड़, विष्णुदेव शर्मा, राधेश्याम धाकड़, मनासा तहसील अध्यक्ष पप्पूलाल गुर्जर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।