नीमच। जिले में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार देर शाम मनासा थाना क्षेत्र में दो मासूम बच्चों पर कुत्तों ने हमला कर दिया। इनमें से 7 वर्षीय नायरा की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। पिछले 6 दिनों में 3 बच्चे कुत्तों के हमले का शिकार हुए हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
आंतरी माता गांव निवासी नायरा मंगलवार देर शाम अपने घर के बाहर खड़ी थी, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता उसके ऊपर झपट पड़ा। कुत्ते ने बच्ची के मुंह और पैरों पर कई जगह काट खाए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घर के बाहर चीख सुनकर पहुंचे परिजन उसे तुरंत मनासा सरकारी अस्पताल ले गए।
मनासा में ‘इम्यूनोग्लोबिन’ उपलब्ध नहीं, नीमच रेफर-
मनासा अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति और जीवनरक्षक इंजेक्शन श्इम्यूनोग्लोबिनश् की उपलब्धता न होने के कारण देर रात उसे नीमच रेफर कर दिया गया। नीमच जिला अस्पताल में बच्ची को आईसीयू में रखा गया है और चिकित्सक उसकी हालत पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
उसी रात दूसरी घटना, एक और बच्चा घायल-
इसी रात मनासा के डांगड़ी गांव में 8 वर्षीय हरीश पुत्र मुकेश जाटव पर भी आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चा घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इससे पहले शालीमार कॉलोनी में 4 वर्षीय अलशिफा को भी कुत्तों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वह अभी भी आईसीयू में इलाजरत है।
लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता, प्रशासन पर उठे सवाल-
जिले में बढ़ती घटनाओं ने नगर पालिका और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ने और उन्हें नियंत्रित न कर पाने से नागरिकों में रोष और भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई न की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना को रोक पाना मुश्किल होगा।