मनासा। आसन दरियानाथ मठ के महंत योगी श्री लालनाथ ने कहा कि सूर्य, चंद्र, जल, वायु और अग्नि जब सभी प्राणियों में कोई भेद नहीं करते, तो हमें भी आपस में भेदभाव नहीं करना चाहिए। हम सभी सनातनियों का साथ रहना आवश्यक है। वे यहां आयोजित 61वें सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ में संबोधित कर रहे थे।
गोरक्षनाथ पीठ से संबद्ध महंत ने कहा कि सनातन परंपरा और धर्मग्रंथ सबके कल्याण की कामना करते हैं, लेकिन समय-समय पर समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करने का प्रयास किया गया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के बाद समाज में जो जागरण आया, उसका सकारात्मक परिणाम आज दिख रहा है। उन्होंने सनातन सत्संग मंडल द्वारा प्रत्येक मंगलवार आयोजित किए जा रहे सामूहिक पाठ की सराहना करते हुए इसे और अधिक मजबूत बनाने का आग्रह किया। महंत लालनाथ ने कहा कि हनुमानजी में अपार शक्तियां थीं, लेकिन उन्होंने सदैव सेवक भाव से प्रभु कार्य में उनका उपयोग किया।
कार्यक्रम की शुरुआत व अतिथि स्वागत-
कार्यक्रम की शुरुआत होटल हलवाई संघ के अध्यक्ष मनोज बिड़ला, सचिव संदीप चौखड़ा, सहसचिव पुनीत अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संदीप मूंगड़, गोपाल विजयवर्गीय, सत्यनारायण तोतला, जगदीश तोषनीवाल आदि ने श्रीहनुमान के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से की। क्षेत्रीय विधायक अनिरुद्ध माधव मारु ने होटल हलवाई संघ एवं सनातन सत्संग मंडल के साथ मिलकर महंत लालनाथ और महंत घीसानाथ (चित्तौड़गढ़) का पुष्पहार से स्वागत किया।
भजनों की प्रस्तुति व अगला आयोजन-
इस अवसर पर राजकुमार मारु, निरंजन पाराशर, विजय उपाध्याय, हरिश ग्रोवर, कमल विजयवर्गीय, ओम सोनी, सत्यनारायण सोनी आदि ने भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सनातन सत्संग मंडल की ओर से आभार व्यक्त करते हुए आगामी 62वें सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ में 25 नवंबर 2025, रात 8 बजे शामिल होने का आग्रह किया गया।