चित्तौड़गढ़। बिड़ला कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने जून 2026 को समाप्त तिमाही में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपनी सीमेंट बिक्री बढ़ाकर 5.05 मिलियन टन (एमटी) कर ली है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने इस दौरान 98 प्रतिशत का उच्च क्षमता उपयोग (कैपेसिटी यूटिलाइजेशन) बनाए रखा। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं राजस्थान के ट्रेड सेगमेंट में मिली लगातार बढ़त ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 2,669 करोड़ रहा, जो वर्ष-दर-वर्ष 7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि, सीमेंट की कीमतों में नरमी तथा बिजली एवं ईंधन की लागत में वृद्धि के कारण कंपनी का शुद्ध लाभ 116 करोड़ रहा।
बाजार की स्थिति और रणनीतिक विस्तार-
कंपनी के अनुसार, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सरकारी व्यय बढ़ने से मई के दूसरे पखवाड़े से सीमेंट की मांग में तेजी देखी गई। हालांकि, बाजार में तीव्र प्रतिस्पर्धा के चलते अप्रैल एवं मई में बढ़ाई गई कीमतों को जून में वापस लेना पड़ा।
प्रीमियम एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों पर फोकस
बिड़ला कॉर्पोरेशन की रणनीति के तहत पर्यावरण-अनुकूल ब्लेंडेड सीमेंट की हिस्सेदारी कुल बिक्री में 88 प्रतिशत रही। कंपनी के प्रीमियम उत्पादों की बिक्री में वर्ष-दर-वर्ष 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि उसके प्रमुख ब्रांड 'परफेक्ट प्लस' (Perfect Plus) की बिक्री में 24 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
सहायक इकाइयों का बेहतर प्रदर्शन-
कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई आरसीसीपीएल प्राइवेट लिमिटेड (RCCPL Pvt. Ltd.) की कुंदनगंज एवं मुकुटबन इकाइयों की बिक्री में क्रमशः 26 प्रतिशत एवं 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कंपनी के विस्तार और मजबूत बाजार उपस्थिति को दर्शाती है।
हरित ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदम-
ईंधन लागत में वृद्धि से निपटने के लिए कंपनी ने अपनी कुल ऊर्जा खपत में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाकर 33 प्रतिशत कर दी है। मुकुटबन इकाई में 5 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किया गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 5,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, बिड़ला जूट मिल्स भी अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर 2.6 मेगावाट कर रही है।
जूट डिवीजन ने भी किया सकारात्मक प्रदर्शन-
कच्चे जूट की रिकॉर्ड कीमतों एवं आपूर्ति में कमी के कारण बिड़ला जूट मिल्स को उत्पादन के दिनों में कटौती करनी पड़ी, जिससे उत्पादन में 27 प्रतिशत की कमी आई। इसके बावजूद घरेलू बिक्री में 18 प्रतिशत एवं निर्यात बिक्री में 13 प्रतिशत की वृद्धि के बल पर जूट डिवीजन ने 4.28 करोड़ का कैश प्रॉफिट अर्जित किया।
सितंबर से मांग में सुधार की उम्मीद-
कंपनी का अनुमान है कि मानसून के कारण अगस्त तक सीमेंट की मांग अपेक्षाकृत सुस्त रह सकती है। हालांकि, सितंबर से सरकारी परियोजनाओं एवं निजी निर्माण कार्यों में तेजी आने के साथ मांग में सुधार होने की संभावना है। बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए सीमेंट की कीमतों में उल्लेखनीय सुधार दिसंबर तिमाही में संभव माना जा रहा है।
बिड़ला कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बारे में-
एम.पी. बिड़ला समूह की प्रमुख कंपनी बिड़ला कॉर्पोरेशन लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1919 में हुई थी। कंपनी सीमेंट एवं जूट उत्पादों के निर्माण के क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। कंपनी एवं उसकी सहायक इकाई आरसीसीपीएल के देशभर में 8 स्थानों पर 10 सीमेंट संयंत्र संचालित हैं, जिनकी कुल वार्षिक स्थापित उत्पादन क्षमता 21.4 मिलियन टन है।