नीमच। जिले के स्वास्थ विभाग में रिक्त ए.एन.एम., स्टाफ नर्स, चिकित्सकों व अन्य रिक्त पदों की पूर्ति के लिए म.प्र.शासन, स्वास्थ्य आयुक्त को प्रस्ताव तैयार कर भेजे। यह निर्देश कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सोमवार को कलेक्टोरेट में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आर.के.खद्योत, जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या, सिविल सर्जन डॉ.महेन्द्र पाटील सहित सभी शासकीय चिकित्सक, बी.एम.ओ.एवं सेक्टर मेडिकल आफीसर उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि स्वस्थ समाज निर्माण के लिए जरूरी है, कि महिलाओं, बच्चों, किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत टीकाकरण किया जाए। कोई भी टीकाकरण से वंचित ना रहे। यदि किसी सेक्टर, क्षेत्र की ए.एन.एम. व स्वास्थकर्मी अवकाश पर हो, तो उसके स्थान पर टीकाकरण का कार्य अन्य वैकल्पिक व्यवस्था कर, करवाया जाए। बैठक में कलेक्टर ने आर.बी.एस.के.की टीम द्वारा जन्मजात विकृति वाले बच्चों की स्क्रीनिंग एवं फालोअप की समीक्षा में निर्देश दिए, कि स्क्रीनिंग में सर्जरी योग्य पाए गये सभी बच्चों की सर्जरी अनिवार्य रूप से करवाई जाए।
उन्होने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देश, दिए, कि वे आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामवार जन्मजात विकृति वाले बच्चों को चिन्हित कर, सूची बनाकर, फालोअप के लिए आर.बी.एस.के की टीम को उपलब्ध करवाए। कलेक्टर ने 70 वर्ष से अधिक आयु के आयुष्मान कार्ड से शेष सभी हितग्राहियों के कोर्ड भी प्राथमिकता से बनवाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे बगैर बी.एम.ओ. की अनुशंसा के किसी भी स्वास्थ कर्मचारी का स्थानांतरण या युक्तियुक्तकरण ना करें। साथ ही स्थानांतरण पर प्रतिबंध अवधि में किसी भी स्वास्थ अधिकारी, कर्मचारी को बगैर कलेक्टर की लिखित अनुमति के अटैच या स्थानांतरित ना करें। बैठक में क्षय, उन्नमूलन, मलेरिया नियंत्रण अंधत्व निवारण, सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम दस्तक अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई।