कसरावद। सब जेल में श्रीमद्भागवत गीता जयंती हर्षाेल्लास से मनाई गई। कार्यक्रम में गायत्री परिवार कसरावद से मनोज यादव, राजेंद्र पाटीदार, पीएलवी अकील ख़ान, देवदत्त एक्कल, जेलर धर्मवीर सिंह उमरैया तथा समस्त जेल स्टाफ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गायत्री परिवार से आए अतिथियों एवं पीएलवी अकील ख़ान के द्वारा बंदियों को संक्षेप में गीता के उपदेश दिए उन्होंने बताया कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाने वाला महान ग्रंथ है। इसमें 700 श्लोक और 18 अध्याय हैं, जो भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद के रूप में लिखे गए हैं। और गीता का सार यही है कर्तव्य करो, फल की चिंता मत करो। यानी हमें मेहनत पूरी ईमानदारी से करनी चाहिए, परिणाम अपने आप अच्छा होगा। गायत्री परिवार से आए अतिथियों ने भी सुविचार प्रस्तुत किए, बंदियों को सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलने हेतु प्रोत्साहित किया। जेलर धर्मवीर सिंह उमरैया द्वारा बंदियों को भगवद्गीता की संक्षिप्त पाठ्य सामग्री भेंट की।