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November 25, 2025, 5:48 pm
KHABAR : विकासखंड के गाताबारा गांव में 50 से अधिक युवा बने अधिकारी, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भी 90 प्रतिशत आबादी शिक्षित, पढे़ जयप्रकाश सोलंकी की खबर 

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बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के पाटी ब्लॉक में स्थित गाताबारा गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद शिक्षा का एक अनूठा उदाहरण बन गया है। लगभग 1000 की आबादी वाले इस गांव में 90 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं, और 50 से अधिक युवा विभिन्न सरकारी पदों पर अधिकारी बन चुके हैं। देश के टॉप-10 पिछड़े विकासखंडों में शामिल पाटी ब्लॉक के पहाड़ी अंचल में बसे इस आदिवासी बहुल गांव में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी पर्याप्त नहीं हैं। इसके बावजूद, गांव के बुजुर्गों ने शिक्षा के महत्व को समझा और खुद पढ़ाई करने के साथ-साथ अपनी अगली पीढ़ियों को भी विपरीत परिस्थितियों में पढ़ने के लिए प्रेरित किया। गुड़ी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गाताबारा गांव की इस शैक्षिक प्रगति पर इंजीनियर रितेश नरगांवे ने बताया कि गांव के बुजुर्गों की प्रेरणा से बच्चों ने पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले तक गांव में मोबाइल नेटवर्क भी नहीं था। इसके बावजूद, बच्चों ने गांव में आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की और फिर आगे की शिक्षा के लिए पाटी और बड़वानी जैसे शहरों का रुख किया। गांव के युवाओं की शैक्षिक उपलब्धियां प्रभावशाली हैं। इनमें 3 एमबीबीएस डॉक्टर, 2 वेटनरी डॉक्टर, 22 शिक्षक, 3 पुलिसकर्मी, 3 फॉरेस्ट गार्ड, 2 सैनिक, 4 होमगार्ड, 4 प्राध्यापक, 6 इंजीनियर और एक न्यूरो थेरेपिस्ट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 60 से अधिक युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 20 नर्सिंग और 8 युवा आईटीआई की पढ़ाई कर रहे हैं, जो जल्द ही अपनी सेवाएं देंगे। शिक्षा के साथ-साथ गांव की महिलाएं सिलाई जैसे कार्यों में भी सक्रिय हैं। लगभग 10 साल पहले, आजीविका मिशन के तहत कुछ ग्रामीणों को बकरी पालन का प्रशिक्षण दिया गया था और बकरियां वितरित की गई थीं। आज गांव के लगभग हर घर में 20 से 30 बकरियां हैं, जो उनकी आजीविका का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई हैं।

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