नीमच। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की महानता को नमन करते हुए संविधान दिवस पर कांग्रेस द्वारा मैसी फर्ग्यूसन शोरूम चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और श्रद्धा के साथ बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया तथा उपस्थित जनों ने संविधान की रक्षा और उसके मूल्यों के पालन का संकल्प लिया।
गौरतलब है कि भारत के संविधान निर्माण में नीमच का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नीमच के ही वरिष्ठ नेता स्वर्गीय डॉ. सीताराम जाजू संविधान सभा के सदस्य थे और उन्होंने राष्ट्र के सर्वाेच्च विधि दस्तावेज के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती, पूर्व विधायक नंदकिशोर पटेल, अनिल चौरसिया, बृजेश मित्तल, राकेश अहीर, मोनू लोक्स, योगेश प्रजापत, पृथ्वी सिंह वर्मा, हरिश दुआ, बाबू सलीम, विमल शर्मा, दिग्विजय सिंह पिपलिया रावजी, रमेश कदम, आशा सांभर, मनोहर अंब, इलियास कुरैशी, हिदायतुल्ला खान सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को याद करने का दिन है। बाबा साहब के दिखाए मार्ग पर चलकर ही देश में सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता की भावना को मज़बूती मिल सकती है।
उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान अपनाया गया। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। 26 नवंबर 2015 से संविधान दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई।