चित्तौड़गढ़। जिले में यूरिया खाद की कमी से किसान परेशान हैं और कई स्थानों पर लंबी कतारों में लगकर खाद लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच निम्बाहेड़ा के मांगरोल गांव में भाजपा नेताओं पर यूरिया खाद के अवैध भंडारण और कथित कालाबाज़ारी के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने कृषि विभाग से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संपत धाकड़ के अनुसार, मांगरोल निवासी भाजपा नेता तखतसिंह जाट की फर्म के गोदाम में बड़ी मात्रा में यूरिया खाद का अवैध भंडारण पाया गया। उनका दावा है कि पकड़े जाने पर तखतसिंह ने उक्त माल को रानीखेड़ा निवासी भाजपा नेता अनिल आंजना का बताया। धाकड़ ने प्रश्न उठाया कि जब किसान खाद की कमी से जूझ रहे हैं, तब इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया एक निजी गोदाम में कैसे पहुँची। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टों को बदलकर इसे तकनीकी यूरिया के रूप में दूसरे राज्यों में भेजने की तैयारी थी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि गोदाम में 20 टन से अधिक यूरिया और लगभग 550 खाली कट्टों का मिलना गंभीर संदेह पैदा करता है। सिसोदिया का आरोप है कि कुछ भाजपा नेता खाद, बायो डीज़ल और रेत जैसी आवश्यक वस्तुओं में कालाबाज़ारी करने में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस इसे विधानसभा में उठाएगी।
जिला कांग्रेस महासचिव गोपाल आंजना ने भी आरोप लगाया कि जिले में यूरिया की कमी की एक बड़ी वजह अवैध भंडारण है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों पर कार्यवाही करनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों में खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना के नेतृत्व में किसानों के साथ व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी।