मुरैना। जिले में यातायात व्यवस्था दिनों-दिन बदतर होती जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर कॉलोनियों तक रोजाना घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि समस्या पर काबू पाने के लिए न तो कोई ठोस प्लानिंग दिखाई दे रही है और न ही आदेशों का पालन हो रहा है।
नो-एंट्री समय में भी घुस रहे भारी वाहन
कलेक्टर द्वारा शहर में बाहरी व भारी वाहनों के प्रवेश पर कड़ी पाबंदी लगाई गई है, लेकिन दोपहर के नो-एंट्री समय में भी कई भारी वाहन बेखौफ शहर के अंदर घूमते नजर आते हैं। अधिकारियों द्वारा आदेश के बाद सिर्फ एक-दो दिन कार्रवाई की जाती है, फिर हालात वापस पहले जैसे हो जाते हैं।
गार्डन में पार्किंग के आदेश भी ठंडे बस्ते में
कुछ समय पहले कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने निर्देश दिए थे कि शहर के सभी गार्डन में पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य की जाए, जिससे सड़क किनारे पार्किंग कम हो और जाम नियंत्रित हो सके। लेकिन अधिकारियों ने केवल औपचारिकता निभाते हुए एक-दो दिन कार्रवाई की और फिर मामला वहीं का वहीं रह गया। आज भी कई गार्डनों में पार्किंग व्यवस्था लागू नहीं है।
यातायात पुलिस की प्लानिंग पर उठ रहे सवाल कलेक्टर द्वारा कई बार यातायात पुलिस को शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस रणनीति दिखाई नहीं दे रही है। विवाह सीजन में तो हालात और बिगड़ जाते हैंकृलोग घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।
नगर निगम की लापरवाही भी परेशानी बढ़ा रही
शहर के कई क्षेत्रों में नाले और नालियां खुले पड़े हैं, जिससे लोग अक्सर गिरकर घायल हो रहे हैं इसके अलावा कई मुख्य चौराहों पर जाम एक नियमित समस्या बन चुका है।
जनता की उम्मीद वहीं अब कलेक्टर से सख्त एक्शन लगातार बढ़ रही समस्याओं के बाद अब लोगों की नजर कलेक्टर के आगामी आदेशों पर टिकी है। जनता उम्मीद कर रही है कि इस बार सख्त और स्थायी कार्रवाई होगी, ताकि शहर के लोग राहत की सांस ले सकें।