नीमच। साहित्यिक संस्था ‘सार्थक सृजन’ की काव्य गोष्ठी प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. सिराज अहमद के 2-3, राजस्व कॉलोनी स्थित निवास श्परवेज़श् पर आयोजित की गई। गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कवयित्री वन्दना नाटेश्वरी की सरस्वती वंदना से शुरू हुई साहित्यिक संध्या में कविता, शेर, शायरी, गजल एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावों से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में समाजसेवी एवं कांट्रेक्टर अशफाक अहमद की पुस्तक ‘मेरा तसव्वुर और मेरी तहरीर-मेरे एहसासों की तस्वीर’ के पार्ट-1 एवं पार्ट-2 का विमोचन किया गया। पुस्तक में जीवन को छूते विभिन्न पहलुओं एवं अनुभवों को शायरी के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। इसमें परिवार, मित्रता, संस्कार, देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, साम्प्रदायिक सौहार्द, वात्सल्य, सम्मान, अपनापन एवं सर्वधर्म सद्भाव जैसे भावों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
पुस्तक का विमोचन संस्था अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध साहित्यकार प्रमोद रामावत ‘प्रमोद’, समाजसेवी जम्बुकुमार जैन, चिकित्सक डॉ. दीपक सिंहल, पत्रकार विवेक खण्डेलवाल, समाजसेवी सलीम अहमद एवं रजिया अहमद ने किया। इस अवसर पर लेखक अशफाक अहमद का सम्मान भी किया गया।
काव्य गोष्ठी में विभिन्न साहित्यकारों एवं कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। कविता, शेर, शायरी, गजल तथा गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने उपस्थित साहित्यप्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया। रचनाकारों की विविध प्रस्तुतियों से साहित्यिक वातावरण देर तक जीवंत बना रहा।
गोष्ठी के दौरान संस्था की वरिष्ठ सदस्य कुसुम शर्मा के पति स्व. विश्वास शर्मा के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन साहित्यकार प्रमोद रामावत ‘प्रमोद’ ने किया। अंत में रजिया अहमद ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कवि महिपालसिंह चौहान, नरेन्द्र भावसार, नंदकिशोर राठौड़, गोपालसिंह चौहान, आर.एस. शर्मा, घनश्याम शर्मा, दिलीप व्यास, प्रशांत मित्तल, मंजूर भाई, अनिल चौरसिया, डॉ. माधुरी चौरसिया, वन्दना योगी, शिवा मित्तल, डॉ. पिंकी मुंदड़ा, अमरजीत छाबड़ा, सुनीता भारद्वाज, कृष्णा गोयल, फिजियोथेरेपिस्ट जैतून सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। उक्त जानकारी सार्थक सृजन से जुड़े विवेक खण्डेलवाल द्वारा दी गई।