पोलायकलां। श्रीराम मांगलिक भवन में सात दिनों से चल रही श्री शिव महापुराण कथा का शनिवार को भव्य शोभायात्रा के साथ समापन हुआ। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा नगर शिवमय हो गया।
कथा के अंतिम दिवस विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की ओर से कथावाचक पंडित विनोद व्यास का साफा पहनाकर एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ब्लॉक इकाई पोलायकलां, सार्वजनिक भागवत सेवा समिति एवं प्रातःकालीन प्रभात फेरी समिति की ओर से वरिष्ठ पत्रकार प्रेमनारायण मरेठिया, मनोहरलाल मरेठिया, पत्रकार संघ ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कथावाचक का सम्मान किया।
इस अवसर पर कथावाचक पंडित विनोद व्यास ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शिव आदि भी हैं और अनंत भी। वे काल के भी काल हैं। सृष्टि के निर्माण से पहले भी शिव तत्व विद्यमान था और सृष्टि के अंत के बाद भी शिव ही शेष रहेंगे। उन्होंने कहा कि समय और युग बदलते रहते हैं, लेकिन शिव तत्व सदैव अटल रहता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि भगवान शिव केवल संहारकर्ता नहीं, बल्कि सृष्टि के मूल तत्व और पालनकर्ता भी हैं। मनुष्य को अहंकार, मोह और लोभ का त्याग कर सत्य, धर्म, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। शिव महापुराण की कथा मनुष्य को जीवन की सही दिशा प्रदान करती है।
समापन अवसर पर पोलायकलां सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सात दिवसीय धार्मिक आयोजन के चलते पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के सफल समापन पर कथा समिति का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन बालकृष्ण त्रिवेदी ने किया।