नीमच। सावन की पावन बेला में कामिका एकादशी के अवसर पर नीमच नरेश के दरबार स्थित प्राचीन श्री श्याम मंदिर में आज आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सुबह से ही बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी हुई हैं। मंदिर परिसर भक्तों की आवाजाही और जयकारों से भक्तिमय नजर आ रहा है।
सनातन धर्म में कामिका एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना और पुण्य प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा एवं विधि-विधान से व्रत, पूजन और भगवान का स्मरण करने से पापों से मुक्ति तथा आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। सावन मास में एकादशी आने से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
दिल्ली-कोलकाता के फूलों से सजा दरबार-
कामिका एकादशी के विशेष अवसर पर श्याम मंदिर को आकर्षक हरियाली के साथ दिल्ली और कोलकाता से मंगाए गए रंग-बिरंगे पुष्पों से सजाया गया है। फूलों से की गई आकर्षक साज-सज्जा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं बाबा श्याम का भव्य शाही पुष्प श्रृंगार किया जा रहा है। बाबा के मनमोहक श्रृंगार के दर्शन के लिए भक्त उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शाम को होगी महाआरती और ताली कीर्तन-
एकादशी के अवसर पर दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं का आवागमन जारी है। भक्त बाबा के दरबार में मत्था टेककर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं। शाम को मंदिर में विशेष महाआरती एवं ताली कीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को फलाहारी प्रसाद वितरित किया जाएगा। कामिका एकादशी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और आकर्षक पुष्प सज्जा के बीच पूरा श्याम दरबार भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आ रहा है।