सेगांव। किसानों की खुशहाली, अच्छी बारिश और जनकल्याण की कामना को लेकर ग्राम दसनावल से पिछले 19 वर्षों से जन कल्याण कावड़ यात्रा निकाली जा रही है। शिवजी की नगरी दसनावल से शुरू होने वाली यह यात्रा पैदल ओंकारेश्वर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर का नर्मदा जल से अभिषेक करती है।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 19 वर्ष पूर्व गांव में बारिश की कमी के चलते ग्रामवासियों ने प्राचीन शिव टेकड़ी पर भगवान भोलेनाथ से अच्छी बारिश की प्रार्थना की थी। ग्रामीणों ने संकल्प लिया था कि बारिश होने पर वे पैदल ओंकारेश्वर जाकर भगवान का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद अच्छी बारिश हुई और तभी से यह परंपरा लगातार जारी है।
यात्रा में श्रद्धालु किसानों के खेत-कुओं का जल लेकर पहले गांव के शिव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। इसके बाद इसी जल को कलश में लेकर पैदल ओंकारेश्वर जाते हैं, जहां नर्मदा जल के साथ ओंकारेश्वर-ममलेश्वर महाराज का अभिषेक किया जाता है। वहां से पवित्र जल वापस लाकर पुनः ग्राम दसनावल के शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते हैं, जिससे पूरा मार्ग शिवमय हो जाता है। बजरंग दल युवा संगठन दसनावल के संयोजन में ग्रामवासियों की सहभागिता से आयोजित यह यात्रा अब क्षेत्र में आस्था, एकता और जनकल्याण का प्रतीक बन चुकी है। ग्रामीणों का मानना है कि इसी आस्था और शिवभक्ति के चलते आज गांव में भगवान शिव का भव्य मंदिर भी निर्मित हो चुका है।