माउंट आबू। विश्व बंधुत्व और विश्व शांति का संदेश देने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित 8वीं दादी प्रकाशमणि आबू हाफ मैराथन में रविवार सुबह हजारों रनर्स ने पूरे उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। सुबह 6 बजे जैसे ही मैराथन शुरू हुई, 3500 प्रतिभागी मनमोहिनीवन से अरावली की पहाड़ियों की ओर दौड़ पड़े। इनमें से करीब 3000 रनर्स ने 21.9 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर माउंट आबू स्थित पांडव भवन के फिनिशिंग प्वाइंट को छुआ।
मैराथन में 18 वर्ष के छात्र-छात्राओं से लेकर 70 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पति-पत्नी की जोड़ियां भी दौड़ में शामिल रहीं। कई प्रतिभागी हाथों में तिरंगा और शिव बाबा का ध्वज लेकर दौड़ते नजर आए। अतिथियों ने हरी झंडी और शिव ध्वज दिखाकर मैराथन को रवाना किया।
यह मैराथन संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 19वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। दादी प्रकाशमणि ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राजयोग के संदेश को विश्वभर में पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
ओलंपिक धावक खेता राम ने बढ़ाया रनर्स का उत्साह
मुख्य अतिथि ओलंपिक मैराथन धावक खेता राम ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि सभी रनर्स पूरे दमखम के साथ दौड़ें और इसे आनंद के रूप में लें। दौड़ में शारीरिक शक्ति के साथ मानसिक शक्ति का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
तहसीलदार रणाराम राणा ने बड़ी संख्या में रनर्स की मौजूदगी पर खुशी जताई। संस्थान के महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने रनर्स से मन को मजबूत रखते हुए उमंग और उत्साह के साथ दौड़ पूरी करने का आह्वान किया।
मैराथन ने दिया विश्व बंधुत्व का संदेश
संस्थान के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से मैराथन का आयोजन किया गया है। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके ऊषा दीदी ने प्रतिभागियों को सफलता के संकल्प के साथ दौड़ने का संदेश दिया। मेडिकल विंग के सचिव बीके बनारसी भाई ने सभी रनर्स को नशामुक्त जीवन जीने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने की प्रतिज्ञा दिलाई।
सात घूम के बाद धीमी हुई रनर्स की रफ्तार
आबूरोड से पूरे उत्साह के साथ दौड़ शुरू करने वाले प्रतिभागियों की संख्या सात घूम पहुंचने के बाद कम होने लगी। पहाड़ी मार्ग पर थकान के कारण कई रनर्स के कदम धीमे पड़ गए। वहीं प्रोफेशनल रनर्स ने शुरुआत में अपनी गति नियंत्रित रखी और पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचने के बाद धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाई।
मैराथन संयोजक बीके सचिन भाई ने बताया कि चार घंटे के भीतर फिनिशिंग प्वाइंट पहुंचने वाले सभी रनर्स को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। मार्ग में प्रत्येक किलोमीटर पर रिफ्रेशमेंट प्वाइंट बनाए गए थे। सात घूम पर विशेष ट्रेकिंग प्वाइंट भी बनाया गया था।
पुलिस और सीआरपीएफ ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
मैराथन के पूरे रूट पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आबूरोड में सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक यातायात बंद रखा गया। वार्मअप स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस कोच भावना ने कराया। सफाई विभाग के प्रभारी बीके जगदीश भाई ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन मीडिया विंग की मुख्यालय संयोजिका बीके चंदा बहन और बीके भानू भाई ने किया।
इस अवसर पर सदर थाना सर्किल इंस्पेक्टर प्रदीप डागा, आबूरोड सिटी थाना सर्किल इंस्पेक्टर हरचंद देवासी सहित संस्थान के अनेक पदाधिकारी, राजयोगी एवं अतिथि मौजूद रहे।