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August 9, 2026, 4:08 pm
KHABAR : हिमालेश्वर धाम पर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का हुआ विश्राम, श्रावण मास के दूसरे सोमवार को 1000 कन्याओं के साथ होगा विशाल भंडारा, पढे़ खबर

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पोलायकंला। हिमालेश्वर धाम मोरटा केवडी पर आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का भक्तिमय वातावरण में विश्राम हुआ। कथा के अंतिम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे और भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए भक्ति में लीन नजर आए। सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन के दौरान हिमालेश्वर धाम पर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिला।


कथा वाचन के दौरान कथावाचक श्रद्धेय श्री राजेश्वर जी महाराज, राजेश्वर अमृत गौ सेवा संस्थान बड़नगर द्वारा भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, शिव भक्ति, धर्म, संस्कार और सद्कर्मों का महत्व विस्तार से बताते हुए कहा कि शिव आदि हैं, अनंत हैं और काल के भी काल हैं। सृष्टि के निर्माण से पहले भी शिव थे और सृष्टि के अंत के बाद भी शिव ही शेष रहेंगे। इसलिए भगवान शिव को अनादि और अनंत कहा गया है। उन्होंने कहा कि समय और युग बदलते रहते हैं, लेकिन शिव तत्व सदैव अटल रहता है भगवान शिव केवल सृष्टि के संहारकर्ता ही नहीं, बल्कि सृष्टि के मूल  में शिव तत्व विद्यमान रहता है और जब सृष्टि का संहार होता है, तब भी शिव ही उस परिवर्तन के साक्षी रहते हैं। इसी कारण भगवान शिव को महाकाल कहा गया है, अर्थात जो स्वयं काल से परे हैं और जिनके सामने काल की भी कोई सत्ता नहीं है इसलिए मनुष्य को अहंकार, मोह और लोभ त्यागकर सत्य, धर्म, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। शिव महापुराण की कथा जीवन को सही दिशा देने का संदेश देती है महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की आराधना के साथ ही गौसेवा, धार्मिक आस्था और समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया।‌सात दिवसीय कथा के समापन अवसर पर हिमालेश्वर समिति एवं ग्रामीणों की ओर से कथावाचक श्रद्धेय श्री राजेश्वर जी महाराज का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति के अध्यक्ष रंगलाल दांगी, कोषाध्यक्ष दौलतसिंह दांगी, गल्ला जी, कमल कोट दिलीप दांगी, रामबाबू दांगी, जगदीश दांगी,, लेखराम पंडाजी, मुकेश सेठ, रामसिंह दयाल विश्वकर्मा सहित ग्रामीणों ने महाराज को साफा पहनाकर सम्मानित किया।
 

आज होगा 1000 हजार कन्याओ के साथ विशाल भंडारा
हिमालेश्वर धाम मोरटा केवडी पर धार्मिक आयोजन की अगली कड़ी के रूप में श्रावण मास के दूसरे सोमवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर 1000 कन्याओं के साथ विशेष भंडारे का आयोजन होगा। कन्या भोज समिति द्वारा भंडारे को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। समिति पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन में शामिल होने और प्रसादी ग्रहण करने की अपील की है। पूरे आयोजन को लेकर हिमालेश्वर धाम पर श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

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