उज्जैन। सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना आखिरकार प्रदेश सरकार को पूरी तरह निरस्त करना पड़ा। रात्रि में आदेश जारी कर लैंड पूलिंग योजना निरस्त के बारे में बताया गया। योजना निरस्त होने के बाद आज दोपहर में भारतीय किसान संघ के कार्यालय के बाहर किसानों व पदाधिकारीयों ने जश्न मनाया। यहां आतिशबाजी की गई । मिठाइयां बांटी गई और खुशी में किसान नाचते हुए दिखाई दिए।
खास बात यह रही थी इस योजना के पक्ष में खुद मुख्यमंत्री व सरकार थी। जबकि इसके विरोध में किसान, भारतीय किसान संघ, कांग्रेस विधायक महेश परमार, शहर कांग्रेस महामंत्री ललित मीणा, भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय और विधायक अनिल जैन थे। इस योजना को लेकर भारतीय किसान संघ के दबाव के कारण खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री व किसान संघ के पदाधिकारीयों को बैठक करना पड़ी थी। इसके कारण यह मामला काफी चर्चाओं में आ गया। बीते 17 नवंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी की सकारात्मक चर्चा हुई थी और लैंड पूलिंग वापस लेने का आश्वासन दिया था। परंतु 2 दिन बाद 19 नवम्बर को सरकार द्वारा जारी आदेश में लैंड पूलिंग वापस लेने की बजाय संशोधित करने का पत्र जारी किया गया। जिसका भारतीय किसान संघ ने विरोध कर दिया और आगामी 26 दिसंबर को प्रदेश सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई की घोषणा कर दी। हालांकि अब योजना पूरी तरह निरस्त होने के कारण आगामी 26 दिसंबर को भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी दिनेश कुलकर्णी उज्जैन आएंगे और योजना निरस्त का जश्न मनाया जाएगा।
सिंहस्थ लैंड पूलिंग निरस्त को लेकर भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री भारत सिंह बैस का कहना है कि 10 माह से वे संघर्ष कर रहे थे। सरकार ने बातें मान ली है। चारों विकास योजना निरस्त कर दी गई है। अब पूर्व की तरह ही सिंहस्थ आयोजित होगा। सरकार को धन्यवाद। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
वहीं इसी मामले में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा कि लैंड पूलिंग पूरी तरह समाप्त हो गई है। परंतु अभी भी कुछ दिक्कतें हैं। इस योजना की क्रियान्वयन एजेंशियों के नाम किसानो की जमीन के नक्शे पर दिखाई दे रहे हैं। इन्हें हटाकर राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करवाना है । दो-चार दिन में यह होना चाहिए। 26 दिसंबर को हमारा प्रस्तावित कार्यक्रम होगा। खुद भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी आएंगे। उन्होंने इस आंदोलन को लीड किया है। समस्त किसान उनका स्वागत करेंगे।
यहां बता दे की फरवरी माह में इस योजना का विरोध शुरू हो गया था। सबसे पहले किसानों ने ही विरोध का बिगुल बजाया था। उसके बाद कांग्रेस विधायक महेश परमार, शहर कांग्रेस महामंत्री ललित मीणा किसानों के साथ पहुंचे और प्रभात फेरिया निकाली थी। वही भाजपा के विधायक चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में इस योजना को किसानों के खिलाफ बताया और योजना निरस्त की मांग की थी। फिर भारतीय किसान संघ ने किसानों का साथ दिया और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तक यह मामला पहुंचा। भारतीय किसान संघ द्वारा करीब चार बार बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए गए। दो दिन पहले भाजपा विधायक अनिल जैन ने भारतीय किसान संघ का खुलकर समर्थन किया और योजना निरस्त की मांग कर डाली।