पिपलिया मंडी। पिपलिया मंडी रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन नीमच-दलौदा डबल लाइन परियोजना के चलते जल-निकासी व्यवस्था प्रभावित होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में महेश्वरी समाज भवन, पिपलिया मंडी के ट्रस्टीगणों ने पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर स्टेशन परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में शीघ्र उचित जल-निकासी प्रणाली विकसित करने की मांग की है।
महेश्वरी समाज भवन के ट्रस्टी अरुण कुमार जानकीलाल मूंदड़ा द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि समाज भवन, रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 के समीप स्थित है। वर्तमान में रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म की नई दीवार का निर्माण किया गया है, जिसके कारण वर्षा अथवा अन्य जल का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया है। इसके चलते पानी एक ही स्थान पर जमा हो रहा है, जिससे न केवल रेलवे की संरचना बल्कि आसपास के भवनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में रेलवे द्वारा नाली का निर्माण कर जल-निकासी की समुचित व्यवस्था की गई थी, लेकिन नए प्लेटफॉर्म एवं दीवार निर्माण के बाद वह व्यवस्था निष्क्रिय हो गई है। समाज भवन के ट्रस्टियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी 14 फरवरी 2025 को ई-मेल के माध्यम से भी रेलवे प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।
ट्रस्टियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित जल-निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो इससे प्लेटफॉर्म की दीवार की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो सकती है। साथ ही रेलवे संपत्ति एवं महेश्वरी समाज भवन परिसर को भी नुकसान पहुंच सकता है। इससे रेलवे संचालन के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी असुविधा एवं जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
महेश्वरी समाज भवन की ओर से महाप्रबंधक से आग्रह किया गया है कि संबंधित रेलवे इंजीनियरिंग टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण कराया जाए तथा जल के सुचारू बहाव के लिए स्थायी और प्रभावी जल-निकासी प्रणाली का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की क्षति से बचा जा सके।
इस पत्र पर महेश्वरी समाज भवन, पिपलिया मंडी के अध्यक्ष रमेश काबरा एवं सचिव किशोर मंत्री के भी हस्ताक्षर हैं। समाज की ओर से उम्मीद जताई गई है कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम मंडल तथा पिपलिया मंडी रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक को भी भेजी गई है।