निंबाहेड़ा। निंबाहेड़ा पंचायत समिति के पूर्व उपप्रधान एवं भाजपा पूर्वी मंडल अध्यक्ष अशोक जाट के खिलाफ जिला एससी-एसटी विशेष न्यायालय के आदेश पर कोतवाली थाना निंबाहेड़ा में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित जनहानि की धमकी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रकरण की जांच प्रारंभ कर दी है।
गादोला पंचायत अंतर्गत ग्राम सेगवा निवासी प्रार्थी विक्रम उर्फ बंटी मीणा ने बताया कि गत दिनों अशोक जाट ने उनके विरुद्ध कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसके चलते उन्हें निंबाहेड़ा कोतवाली में हिरासत में रखा गया। हालांकि अगले ही दिन उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई।
प्रार्थी के अनुसार, हिरासत की रात अशोक जाट नशे की हालत में कोतवाली आया और लॉक-अप के बाहर खड़े होकर जातिसूचक गालियां दीं तथा धमकी दी कि गाड़ी में अफीम रखकर उसे फंसा देगा। प्रार्थी ने आरोपों से इंकार किया तो अगली सुबह, जब पुलिस उसे न्यायालय में पेश करने के लिए चित्तौड़गढ़ ले जा रही थी, तब अशोक जाट ने थाना परिसर के बाहर रोककर दोबारा जातिगत गालियां दीं और भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। प्रार्थी का कहना है कि दोनों घटनाएं कोतवाली थाने के सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हैं।
विक्रम मीणा ने बताया कि सत्ता पक्ष से जुड़े प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण वह जमानत मिलने के बाद डर के चलते तत्काल शिकायत नहीं कर सका। बाद में परिजनों की सलाह पर उसने कोतवाली थाने में परिवाद प्रस्तुत किया, लेकिन वहां उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके पश्चात उसने न्यायालय की शरण ली।
प्रार्थी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मणसिंह सोलंकी एवं हरिप्रकाश तेली ने जिला एससी-एसटी न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को गंभीर मानते हुए अशोक जाट के विरुद्ध धारा 3(1)(आर), 3(1)(एस) अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा धारा 308(6), 351(2) एवं 352 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए, जिसके पालन में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।