चित्तौड़गढ़। शहर के महेश वाटिका में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दौरान आचार्य पंडित डॉ. मिथिलेश नगर (निनोरा धाम) ने कहा कि भागवत कथा देव-दुर्लभ है और इसके श्रवण मात्र से जीव मात्र का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि हरि-कथा कोई व्यापार नहीं, बल्कि अमृत समान ज्ञान है, जिसे समाज में बांटा जाता है। भागवत कथा को सुनने के लिए स्वयं देवता भी लालायित रहते हैं।
पंडित नगर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में गुरु अवश्य बनाना चाहिए तथा गुरु दक्षिणा के रूप में अपने अवगुण गुरु के चरणों में अर्पित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रहकर हरि नाम का स्मरण करने से ही मानव जीवन सार्थक होता है।
महेश वाटिका में यह श्रीमद् भागवत कथा स्वर्गीय हरकलाल बाहेती की स्मृति में श्रीमती कृष्णा देवी, राजकुमार बाहेती, गोपाल बाहेती एवं बाहेती परिवार द्वारा आयोजित की जा रही है। कथा का वाचन आचार्य पंडित डॉ. मिथिलेश नगर द्वारा किया जा रहा है।
गुरुवार को कथा के दौरान आत्मदेव एवं धुंधली चरित्र का प्रसंग, भगवान कपिल की उत्पत्ति तथा भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का वर्णन किया गया। वामन अवतार एवं हिरण्यकश्यप वध की कथा का सचित्र झांकियों के माध्यम से भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया।
श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को श्रीराम जन्म एवं श्रीकृष्ण जन्म की कथा के साथ नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा।