चित्तौड़गढ़। आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में अटल सामुदायिक भवन, गांधीनगर में आयोजित 10 दिवसीय निःशुल्क अर्श-भगन्दर आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर मैं बड़ी संख्या में रोगी आयुर्वेद के प्रति रुझान को लेकर उपचार का लाभ ले रहे हैं अब तक करीब 5 हजार रोगी उपचार का लाभ ले चुके हैं जबकि लक्ष्य से अधिक जिले से करीब 154 रोगियों की शल्य चिकित्सा की गई।
उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग, चित्तौड़गढ़ डॉ. तरुण कुमार प्रमाणिक ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से अब तक लगभग 5 हजार रोगियों ने विभिन्न रोगों संबंधी उपचार का लाभ लिया। जिनमें से स्क्रीनिंग के उपरांत 154 रोगियों के शल्य उपचार किए गए है।
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की वैज्ञानिकता एवं क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा की प्रभावशीलता को देखते हुए चित्तौड़गढ़ जिले के लगभग हर आयुर्वेदिक चिकित्सा ले क्षेत्र से रोगी उपचार के लिए यहां पहुंचे। शिविर स्थल पर रोगियों व उनके परिचय को के लिए माकूल इंतजाम किए गए हैं।
डॉ. प्रमाणिक ने जानकारी दी कि चित्तौड़गढ़ जिले सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से रोगी पहुंचे है, जिनमें से स्क्रीनिंग के उपरांत 150 रोगियों के शल्य उपचार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। शिविर प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह मण्डलोई के साथ ही टीम में शल्य क्रिया का कार्य डॉ. यादराम गुर्जर, डॉ. उदयभानु एवं डॉ. किष्किंधा पंकज की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया। शिविर में डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. वीरेन्द्र हाड़ा, डॉ. सौरभ सिंह हाड़ा, डॉ. ओमप्रकाश मीणा, डॉ. सरिता ए. कुमार, डॉ. विनोद, डॉ. अमन सैनी, डॉ. मनीष टांक, डॉ. गोपाल लाल धाकड़, डॉ. प्रज्ञा आर्य, डॉ. आलम अली, डॉ. अमीयबाला मोहन्ती एवं डॉ. गिरीराज धाकड़ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
सहायक निदेशक डॉ. लवकुश पाराशर , वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अनिल सिसोदिया एवं कार्यालय टीम व्यवस्था में जुटी है। शिविर में आयुर्वेद कम्पाउण्डर एवं नर्सिंग स्टाफ सहित लगभग 48 सदस्यीय चिकित्सा टीम कार्यरत है। यह निःशुल्क शिविर 13 दिसम्बर से 22 दिसम्बर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। शिविर का समापन 22 दिसंबर को किया जाएगा जिला प्रशासन वजन प्रतिनिधियों द्वारा भी शिविर का अवलोकन किया गया जबकि दिल्ली से चित्तौड़ पहुंचने के बाद सांसद डॉ. सीपी जोशी भी शिविर का अवलोकन करने पहुंचेंगे।