रतनगढ़। शिविर में मुख्य अतिथि माननीय ओमप्रकाश सकलेचा, विधायक जावद (पूर्व कैबिनेट मंत्री) उपस्थित रहे। विशेष अतिथियों में जसवंत बंजारा (भाजपा मंडल अध्यक्ष, रतनगढ़), कचरूमल गुर्जर (नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि, रतनगढ़), सतीष व्यास (जिला उपाध्यक्ष, नीमच), पिकेंश मण्डोवरा (मंडल महामंत्री), शंकरलाल गुर्जर (जिला मंत्री), नितेश सेन (आईटी सेल), मोड़िया महादेव समिति अध्यक्ष शर्मा, एसपी व्यास (पत्रकार, रतनगढ़) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपवनमंडलाधिकारी नीमच दशरथ अखण्ड, वनपरिक्षेत्र अधिकारी रतनगढ़ पी. एल. गेहलोत, वनपरिक्षेत्र अधिकारी जावद विपूल प्रभात करोरिया, परिक्षेत्र सहायक ताल बापूलाल दायणा (वनपाल), परिक्षेत्र सहायक उमर तरुण बोरीवाल (कार्यवाहक वनपाल), परिक्षेत्र सहायक बाणदा अजय तौमर (कार्यवाहक वनपाल), परिक्षेत्र सहायक डीकेन अरविन्द गोड (कार्यवाहक वनपाल) सहित वनरक्षक नयन मालवीय, निरंजन पाराशर, कु. प्रीति कन्हरिया, सदाशिव धाकड़, सतीष राठौर, राजू कबाड़िया तथा अन्य कर्मचारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
अनुभूति शिविर में शासकीय विद्यालय कंदवासा के प्राचार्य नेमीचंद धाकड़ एवं डाबड़ा कलां के प्रधानाचार्य सहित कुल 8 शिक्षक एवं 126 छात्र-छात्राएँ शामिल हुईं। अनुभूति मास्टर ट्रेनर बापूलाल दायणा (वनपाल), सदाशिव धाकड़ (वनरक्षक) एवं मोहम्मद सगीर मंसूरी (वनरक्षक) द्वारा अनुभूति वर्ष 2025-26 की थीम “हम पृथ्वी के दूत” के बारे में जानकारी दी गई तथा वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
शिविर में विद्यार्थियों को अनुभूति किट (अनुभूति पुस्तिका, केप, पेन एवं पेंसिल) वितरित की गई। अनुभूति प्रकृति पथ भ्रमण एवं जंगल सचित्र गतिविधियों के दौरान विभिन्न वृक्षों की पहचान, वन्यजीवों के साक्ष्य, जड़-मृदा तंत्र, नदियों का महत्व तथा पक्षी दर्शन की जानकारी दी गई।
मिशन लाइफ के तहत पर्यावरण संरक्षण, खाद्य जाल, जंगल की पुकार एवं कर्तव्य के महत्व को सरल एवं रोचक तरीकों से समझाया गया। खेल-खेल में बिना सिले कपड़े का झोला बनाने का प्रशिक्षण दिया गया तथा प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले नुकसान बताए गए।
शिविर के दौरान क्विज प्रतियोगिता एवं गीत गायन आयोजित किए गए, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए गए। “मैं भी बाघ”, “हम हैं बदलाव” एवं “हम हैं धरती के दूत” थीम पर बाघ नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में अनुभूति की शपथ दिलाई गई तथा समूह छायाचित्र के साथ शिविर का समापन हुआ।- प्रतापलाल गेहलोत, वनपरिक्षेत्र अधिकारी, वनपरिक्षेत्र रतनगढ़