मुरैना। जिले में आज भी कई गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसा ही एक मामला गोपी ग्राम पंचायत के भाई खां के पूरा गांव से सामने आया है, जहां शांति धाम और वहां तक पहुंचने के लिए सड़क तक की व्यवस्था नहीं है।
बीमारी के चलते कोक सिंह जाटव की मृत्यु हो गई। अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गांव में शांति धाम न होने और रास्ता न होने के कारण शव यात्रा खेतों की मेड और सरसों के खेतों से होकर निकाली गई। अंततः परिजनों को खुले आसमान के नीचे ही अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिनमें खेतों के बीच से गुजरती शव यात्रा और खुले में किया गया अंतिम संस्कार साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद न तो शांति धाम का निर्माण कराया गया और न ही वहां तक पहुंचने के लिए सड़क बनाई गई। इस घटना ने जिले में बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।