नीमच। नीमच-मंदसौर-जावरा संसदीय क्षेत्र से सांसद सुधीर गुप्ता की कार्यशैली को लेकर मनासा क्षेत्र में नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। विपक्ष के साथ-साथ अब भाजपा के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि भी सांसद की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
भाजपा पार्षद प्रतिनिधि दिनेश राठौर ने सांसद पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने मनासा को विकास के नाम पर कोई बड़ी सौगात नहीं दी है। मनासा विधानसभा क्षेत्र के साथ सुनियोजित भेदभाव किया जा रहा है। क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं तथा शिक्षा और रोजगार को लेकर युवा वर्ग निराश है, लेकिन इन गंभीर मुद्दों पर सांसद की सक्रियता नजर नहीं आती।
राठौर ने बताया कि कई बार मांग-पत्र सौंपे गए, बावजूद इसके समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। ग्रामीण विकास को लेकर भी सांसद का कोई ठोस फोकस दिखाई नहीं देता। पंचायतों में विकास कार्यों के लिए निधि उपलब्ध कराने के बजाय मनरेगा के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों को अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीमच की कई सुविधाएं हटाकर सांसद अपने गृह नगर मंदसौर ले गए हैं। मंचों से विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। सांसद जनता से सीधे संवाद से दूर रहते हैं और मनासा क्षेत्र में उनका दौरा भी बेहद कम होता है।
राठौर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते मनासा की उपेक्षा बंद नहीं की गई, तो जनता आंदोलन का रास्ता भी अपना सकती है। क्षेत्रवासियों ने सांसद से मांग की है कि मनासा के लिए अलग से विकास योजनाएं घोषित की जाएं तथा संसदीय निधि का समान और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित किया जाए।