नीमच। पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने एक बयान जारी कर नीमच जिले की प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी मंत्री यह बताने में असमर्थ रहीं कि इन दो वर्षों में नीमच जिले को धरातल पर क्या ठोस लाभ मिला। डॉ. जाजू ने प्रभारी मंत्री के हालिया नीमच दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभारी (पालक) मंत्री की जिम्मेदारी होती है कि वह जिले की समस्याओं, योजनाओं की प्रगति और जनता की अपेक्षाओं को गंभीरता से समझे, लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा।
प्रभारी मंत्री के दायित्वों का नहीं हुआ निर्वहन-
डॉ. जाजू ने कहा कि प्रभारी मंत्री का दायित्व होता है कि वे आमजन के दुख-दर्द में सहभागी बनें, केंद्र व राज्य सरकार की स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा कर धरातल पर निरीक्षण करें, जिले के बहुआयामी विकास हेतु योजनाओं की स्वीकृति में भूमिका निभाएं, कानून-व्यवस्था की सतत निगरानी करें, पारदर्शी सुशासन की जवाबदेही तय करें, सरकार और जनता के बीच सेतु बनें। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्भाग्यवश नीमच जिले में इन दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया, जिसका खामियाजा जिला स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रोजगार, उद्योग, यातायात, पेयजल और किसान समस्याओं के रूप में भुगत रहा है।
प्रेस वार्ता में स्थानीय मुद्दों पर रही अनभिज्ञता-
डॉ. जाजू ने कहा कि प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री के दो वर्ष पूर्ण होने पर प्रेस वार्ता कर केवल प्रदेश स्तरीय घोषणाओं का बखान किया, लेकिन जब पत्रकारों ने नीमच जिले से जुड़े जमीनी सवाल उठाए, तो वे अधिकांश प्रश्नों के उत्तर नहीं दे सकीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में स्वीकृत विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उनका लाभ और क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
पत्रकारों की भूमिका की सराहना-
डॉ. जाजू ने नीमच के पत्रकारों की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार प्रभारी मंत्री को स्थानीय मुद्दों को लेकर कठघरे में खड़ा किया गया। लगभग पचास प्रश्न पूछे गए, जिनमें से अधिकांश के उत्तर नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला सलाहकार समिति के सदस्यों का मौन भी यह दर्शाता है कि जिले के विकास को लेकर समन्वय और गंभीरता का अभाव है।
जनता अब समझ चुकी है-
डॉ. जाजू ने कहा कि बार-बार “मामला देखेंगे”, “संज्ञान में आया”, “दिखवाएंगे” जैसे जवाब जनता के भावनात्मक शोषण के समान हैं। अब जनता सब समझ चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अभी भी समय है और प्रभारी मंत्री नीमच जिले में सतत निगरानी रखकर विकास कार्यों को गति देंगी तथा स्वीकृत योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा कराएंगी। जिले में आम चर्चा है कि क्या प्रभारी मंत्री ने वास्तव में नीमच जिले के प्रति अपने दायित्व और जिम्मेदारी का निर्वहन किया है?