चित्तौड़गढ़। बालक बालक ही नहीं है उन पर उज्जवल भविष्य का टिका हुआ है, वह जितने संस्कारवान ऊर्जावान होंगे उतना ही खुद का विकास करेंगे राष्ट्र के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उक्त विचार अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संगीता चिपड़ ने बस्सी भगवती बाल गृह में बालक बालिकाओं को संबोधित करते व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार सबसे बड़ा धन है जो चरित्र निर्माण करता है जो काम धन सत्ता और सरकार नहीं कर सकती। संस्था व्यवस्थापक विजेंद्र सिंह ने कहा यहां विद्यार्थी अनुशासन प्रिय है, विनय सेवा और भक्ति से परिपूर्ण है, इनको उचित मार्गदर्शन मिले तो कोई भी काम उनके लिए असंभव नहीं है।
संस्था के अध्यक्ष रामगोपाल ओझा ने कहा कि आप सबके संबल व सहयोग से बच्चों का उत्साह बढ़ता है, ऊर्जावान बनते हैं, इनको स्वाभिमानी और स्वावलंबी बनाना हमारा मुख्य लक्ष्य है।
मंच की रेखा जारौली ने नशा मुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी। मंजू नाहटा रीना बाफना रेखा बाबेल पिंकी श्रीमाल कानन बाला मेहता ने देश भक्ति के गीत सुनाकर बच्चों में उत्साह का संचार किया।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा राजस्थान की ओर से निराश्रित बच्चों को कंबल व मिठाई भेंट करके बच्चों का अभिनंदन किया। संस्था के कार्यकर्ता वीरेंद्र सिंह पंकज पाराशर नंदलाल आचार्य अवंती लाल चंद वर्मा मीना कुमारी पुष्पा कवाड़ ने संस्था की ओर से दिवाकर मंच के सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया।