मुरैना। स्कूल के विद्यार्थियों में स्वस्थ्य शरीर के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिये वार्षिक स्नेह सम्मेलन के दौरान नवाचार आयोजित किया गया। शारीरिक प्रकटोत्सव के तहत विद्यार्थियों द्वारा जंगल, गांव, शहर में शरीर को स्वस्थ व मजबूत बनाने के लिये प्रस्तुती दीं गई। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर खेल संस्कृति और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के साथ उत्कृष्ट खिलाड़ी की प्रेरणा हेतु योग और खेलकूद गतिविधियों पर जोर दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी देश व धर्म की रक्षा के लिये सक्षम बन सकें। सरस्वती शिशु मंदिर के परिसर में आयोजित शारीरिक प्रकटोत्सव पराक्रम 2025 का शुभारंभ सांसद शिवमंगल सिंह तोमर द्वारा करते हुये कहा कि शारीरिक क्षमतावान विद्यार्थी ही देश व धर्म की रक्षा करने में सक्षम होता है, इसलिये विद्या भारती के सभी विद्यालय में शारीरिक विकास की व्यवस्थायें कीं जातीं हैं, इन्हें और मजबूत बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन तथा आयोजन के मुख्य वक्ता मुकुट बिहारी शर्मा विभाग समन्वयक ग्वालियर तथा एशियन पेसिफिक पावर लिफ्टिंग चौंपियन विजेता कुलदीप डंडोतिया सहित अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
सभी ने अपने अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुये कहा कि शारीरिक शिक्षा के माध्यम से अकादमिक तथा पेशेवर रूप से उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों द्वारा शारीरिक स्वस्थता व जागरूकता के लिये योग, खेल तथा धर्म आधारित योगासन, पताका, योगचाप, तीरकमान योग, डम्बल योग, ताइक्वाडो, पिरामिड, घोषवादन, आसन तथा कांवड योग का उत्कृष्ट व मनमोहक प्रदर्शन विद्यार्थियों द्वारा किया गया। इस नवाचार से विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी उत्साहित हुये। इसमें शिशु मंदिर के कक्षा 6 से 8वीं तक के सैकड़ों विद्यार्थियों ने भागीदारी की।