नीमच। मनरेगा योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने तथा योजना को कमजोर करने के कथित प्रयासों के विरोध में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। देशव्यापी आंदोलन के तहत सोमवार को नीमच में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और भारत माता चौराहा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को गरीब-विरोधी और गांधी-विरोधी बताया गया।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है। नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों को “काम का कानूनी अधिकार” देने वाला ऐतिहासिक कानून है। योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता के विचारों और मूल्यों पर सीधा हमला है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा के स्वरूप में किए जा रहे बदलाव इसे धीरे-धीरे समाप्त करने की कोशिश हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मजदूरों और किसानों पर पड़ेगा।
प्रदर्शन के पश्चात कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर नीमच को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महात्मा गांधी का नाम हटाने का निर्णय वापस नहीं लिया गया तथा मजदूरों की लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि गांधी के नाम और गरीबों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।