नीमच। जिले के झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित मालवा पेट्रो प्राइवेट प्रोडक्ट फैक्ट्री में सोमवार अपराह्न एक गंभीर औद्योगिक हादसा हो गया। फैक्ट्री में मेंटेनेंस और रिपेयरिंग कार्य के दौरान वेल्डिंग करते समय नीचे रखे केमिकल में चिंगारी गिरने से अचानक आग भड़क उठी। आग की चपेट में आकर वहां काम कर रहे चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
108 एंबुलेंस से घायलों को पहुंचाया अस्पताल-
घटना के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। एएलएस पायलट पंकज बैरागी, ईएमटी परमानंद पाटीदार तथा बीएलएस पायलट रमेशचंद्र पाटीदार ने घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय नीमच पहुंचाया।
7 फीट ऊंचाई से छलांग लगाकर बचाई जान-
झुलसे मजदूरों की पहचान बामनिया केलुखेड़ा निवासी 40 वर्षीय लालूराम पिता कन्हैयालाल, नीमच निवासी 35 वर्षीय रिजवान पिता सलीम, छोटी सादड़ी निवासी 21 वर्षीय मिठूलाल पिता जगदीश तथा राजसमंद निवासी 22 वर्षीय सोहेल पिता नाहर खान के रूप में हुई है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लालूराम ने जान बचाने के लिए लगभग 7 फीट ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलसने के साथ-साथ पैर में फ्रैक्चर का शिकार हो गया।
लालूराम और रिजवान को किया उदयपुर रैफर-
जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने लालूराम और रिजवान की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया है, जबकि मिठूलाल और सोहेल का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दो मजदूरों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
बिना सुरक्षा उपकरण कराया जा रहा था काम-
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा मजदूरों से बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के खतरनाक कार्य कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि मालवा पेट्रो फैक्ट्री में टायर से कोक तथा रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जहां ज्वलनशील केमिकल का उपयोग होता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हादसे का कारण बन सकती है।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचे थाना प्रभारी डांगी
घटना की जानकारी मिलते ही बघाना थाना प्रभारी राधेश्याम डांगी जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।