सिंगोली। तहसील क्षेत्र के आदिवासी अंचल में सोमवार को जर्जर सड़क ने एक बार फिर एंबुलेंस स्टॉफ को रास्ते में ही डिलीवरी करवाने पर मजबूर कर दिया। दर असल सिंगोली से डूंगरपुर पहुंचने में एंबुलेंस को काफी समय लग गया था। हालांकि एंबुलेंस स्टॉफ की कार्य दक्षता और तत्परता के चलते डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा को सुरक्षित सिंगोली हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है।
सोमवार शाम पूछे जाने पर चिकित्सक ईतेश व्यास ने बताया कि ग्राम तिमरिया निवासी आदिवासी महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह करीब 7 बजे एंबुलेंस 108 को टीमरिया भेजा गया था।लेकिन ग्राम परलाई के बाद सड़क ठीक नहीं होने से वाहन को गंतव्य तक पहुंचने में काफी विलंब हो गया था। एंबुलेंस जब तक टीमरिया पहुंचा महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ चुकी थी।
हालांकि उसे तुरंत ही सिंगोली लाने का प्रयास किया गया लेकिन जर्जर सड़क, और निरंतर बढ़ती पीड़ा के कारण एंबुलेंस स्टॉफ ने रास्ते में ही डिलीवरी करवाने का निर्णय लिया। तथा तुरंत वाहन को रोककर सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। बाद में उसे सिंगोली हॉस्पिटल पर शिफ्ट किया गया जहां जच्चा बच्चा स्वस्थ है। एंबुलेंस में हुई डिलीवरी के लिए जहां ग्रामीणों ने स्टाफ की सराहना की वही जर्जर सड़क के लिए संबंधित के खिलाफ आक्रोश जताया है।