बड़वानी। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के ग्राम मटली में आयोजित किए जा रहे तथाकथित “इंदल उत्सव” को लेकर आदिवासी समाज का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को जयस सहित विभिन्न आदिवासी संगठनों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आयोजन पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
आदिवासी समाज का आरोप है कि यह आयोजन गैर-आदिवासी एवं बाहरी तत्वों द्वारा आदिवासी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध सुनियोजित तरीके से कराया जा रहा है, जो आदिवासी संस्कृति पर सीधा कुठाराघात है।
जयस के संस्थापक विक्रम अच्छालिया ने कहा कि इंदल देव की पूजा कोई वार्षिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह वर्षों के अंतराल पर परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होने वाली पूजा है। इसे उत्सव का स्वरूप देना आदिवासी समाज की परंपराओं का अपमान है।
आदिवासी संगठनों ने इस आयोजन को पेसा अधिनियम 1996 एवं संविधान की पांचवीं अनुसूची का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। समाज ने आयोजन पर तुरंत रोक लगाने, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आदिवासी समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।