चित्तौडगढ़। चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र में 23 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव का भव्य शुभारंभ आज चित्तौड़गढ़ स्थित शहीद मेजर नटवर सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में हुआ। उद्घाटन समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण, राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन मंत्री गौतम दक, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीणगर, चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष रतनलाल गाड़री, प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष महावीर कृष्णावत, उदयपुर देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली, संभागीय आयुक्त, जिलाधीश, भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा विशाल जनसमूह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सांसद सीपी जोशी ने इस अवसर पर कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन से स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव का आयोजन किया गया है। स्वदेशी मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पादों, स्वदेशी खान-पान, भारतीय संस्कृति, लोककलाओं एवं परम्परागत खेलों को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से कलाकार, शिल्पकार एवं दुकानदार आए हैं, जिससे भारत की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि का सजीव दर्शन हो रहा है।
सांसद सीपी जोशी ने कहा कि आज़ादी के बाद कई क्षेत्रों चाहे रक्षा हो, वस्त्र उद्योग हो या अन्न उत्पादन में हम परनिर्भर होते चले गए थे। लेकिन पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को केवल शासन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास दिया है। “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” आज नारे नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सांस्कृतिक रीढ़ बन चुके हैं। भारत के वैश्विक सम्मान और बढ़ते प्रभाव के पीछे स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत का मंत्र ही प्रमुख आधार है। यही सोच राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव जैसे आयोजनों की प्रेरणा है।
सांसद सीपी जोशी ने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भर के संकल्प को और अधिक सशक्त करने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा युवाओं को स्वदेशी से जोड़ने के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पधारें, स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।