खरगोन। कलेक्टर भव्या मित्तल द्वारा खरगोन जिले की तीन तहसीलों के चार बाबुओं द्वारा लाखों रुपए के गबन के मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद चारों बाबुओं को पद से बर्खास्त कर दिया है। वित्तीय अनियमितता पर कलेक्टर भव्या मित्तल को शिकायत मिली थी कि लोगों और पीड़ितों को मिलने वाली आरबीसी-6(4) राहत राशि वितरण में गबन करते हुए लाखों रुपए की राशि अपने परिजनों,रिश्तेदारों और करीबियों के खाते में डाल दी थी। जिसके बाद कलेक्टर भव्या मित्तल द्वारा भीकनगांव तहसील के बाबू संतोष मंडलोई, भगवानपुरा तहसील के मनीष चौहान, गोगांवा तहसील के बाबू मनोज कदम और प्रवीण मंडलोई को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही इन चारों लोगों से राशि की भी वसूली की गई है। आगजनी सहित बाढ़ और अन्य पीड़ित लोगो को मिलने वाली राहत राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई थी। वहीं कलेक्टर ने एक निजी ऑपरेटर श्याम सोलंकी पर भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। कलेक्टर भव्या मित्तल का कहना है कि महालेखाकार ग्वालियर की ऑडिट रिपोर्ट के बाद हुई यह कृत्य उजागर हुआ था। जिसके बाद एमपी सिविल सेवा नियम 1966 के तहत दीर्घ शास्ति को लेकर चारों बाबुओं को पर से बर्खास्त कर दिया है।