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December 24, 2025, 3:39 pm
BIG REPORT : सायबर सेल नीमच की तत्परता से बुजुर्ग दंपत्ति के 60 लाख रुपए सुरक्षित, मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर की जा रही थी ठगी, पढ़े खबर 

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नीमच। सायबर सेल नीमच की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से एक बुजुर्ग दंपत्ति के करीब 60 लाख रुपए की बड़ी सायबर ठगी टल गई। मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने का भय दिखाकर सायबर ठगों ने बुजुर्ग दंपत्ति को डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार बनाया था।

पुलिस अधीक्षक नीमच अंकित जायसवाल के निर्देशानुसार जिले में सायबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सायबर सेल को सतर्क किया गया है। इसी क्रम में सायबर क्राइम ब्रांच इंदौर से सूचना मिलते ही सायबर सेल नीमच ने महज 7 मिनट में मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग दंपत्ति को ठगी से बचा लिया।

ऐसे बनाया जा रहा था शिकार-
दिनांक 8 दिसंबर 2025 से सायबर ठग स्वयं को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बताकर बुजुर्ग दंपत्ति से व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क कर रहे थे। मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और बच्चों को जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें डराया गया। ठगों ने एफडी तुड़वाकर राशि अन्य खातों में ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।

डर के कारण बुजुर्ग दंपत्ति ने कई एफडी तुड़वाकर लगभग 60 लाख रुपए एक खाते में स्थानांतरित कर दिए थे। इसी दौरान दंपत्ति की बेटी को संदेह हुआ, जिस पर उन्होंने क्राइम ब्रांच इंदौर के उप निरीक्षक शिवम ठक्कर से संपर्क किया। सूचना मिलते ही सायबर सेल नीमच को अवगत कराया गया।

7 मिनट में पहुंची सायबर सेल, बचाई जीवनभर की पूंजी-
सायबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे के नेतृत्व में टीम तत्काल विकास नगर स्थित बुजुर्ग दंपत्ति के घर पहुंची। टीम ने करीब 2 घंटे तक काउंसलिंग कर उन्हें समझाया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती और पुलिस कभी वीडियो कॉल के माध्यम से कार्रवाई नहीं करती। टीम की समझाइश के बाद बुजुर्ग दंपत्ति ठगों के चंगुल से बाहर आए और उनकी पूरी राशि सुरक्षित रखी जा सकी।

एसपी ने भी की मुलाकात, किया जागरूक-
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने स्वयं बुजुर्ग दंपत्ति से मुलाकात कर उन्हें सायबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ठग ईडी, सीबीआई, नारकोटिक्स, एयरपोर्ट अथॉरिटी आदि का अधिकारी बनकर फर्जी नोटिस और वीडियो कॉल के जरिए ठगी कर रहे हैं।

सराहनीय भूमिका-
इस कार्रवाई में सायबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे, प्र.आर. आदित्य गौड़, आरक्षक लखन प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह, सोनेन्द्र राठौर, राहुल सोलंकी तथा क्राइम ब्रांच इंदौर के उप निरीक्षक शिवम ठक्कर की विशेष भूमिका रही।

पुलिस की अपील-
नीमच पुलिस आमजन से अपील करती है कि अनजान व्हाट्सएप कॉल या वीडियो कॉल न उठाएं, किसी को बैंक, व्यवसाय या निजी जानकारी साझा न करें, डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया कानून में नहीं है, ऐसे मामलों में तुरंत परिजनों, नजदीकी थाना, कंट्रोल रूम या सायबर सेल को सूचना दें।

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