बड़वानी। नगर के समीप ग्राम मटली में 23 से 25 दिसंबर तक आयोजित तीन दिवसीय इंदल महोत्सव की शुरुआत मंगलवार को हुई। महोत्सव का आयोजन जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है। महोत्सव के पहले दिन मध्यप्रदेश, गुजरात एवं महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने जनजातीय समुदाय के विविध लोक नृत्य एवं लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे, वहीं आगामी तीनों दिन रात्रिकालीन कार्यक्रमों को देखने के लिए हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है संस्कृति विभाग के कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि तीनों दिन जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं को दर्शाने वाले लोक नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। कार्यक्रम की शुरुआत पण्डवानी गायन से की गई पहले दिन दुर्ग की सम्प्रिया पूजा एवं उनके साथियों द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी गई। मोनिया नृत्य की प्रस्तुति सागर के डॉ. उमेश वैद्य एवं दिव्यांग साथियों ने दी, जिसमें गोवंश संरक्षण के लिए भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इस नृत्य की उत्पत्ति तथा कालिया नाग मर्दन की कथा का सजीव चित्रण किया गया।
इसके अलावा बिलासपुर के अनिल कुमार गढ़वाल ने गेड़ी नृत्य, गांधीनगर के धीरज कुमार राठौर ने मणियारो नृत्य तथा नाशिक के विष्णु आनंद गवली ने सौंगी मुखौटा नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, प्रचारक रेवाराम, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव, कलेक्टर जयतिसिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।