शाजापुर। जिले की काला पीपल तहसील के ग्राम चाकरोद के पीएमश्री शासकीय हाई स्कूल में कृषि विभाग द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें उन्होंने मिट्टी के स्वास्थ की जानकारी दी। कृषि विस्तार अधिकारी अर्जुन सिंह ने बताया कि वर्तमान में रासायनिक खाद का ज्यादा उपयोग होने से मिट्टी के स्वास्थ पर प्रतिकूल असर हो रहा है और इसी के कारण फसल भी पौष्टिक नहीं हो पाती और मानव जीवन को खतरे का सामना करना पड़ रहा है। मानव कई प्रकार की बीमारी का सामना करने के लिए विवश हो रहा है। रासायनिक खाद के उपयोग के कारण मानव को हार्ट अटैक, कैंसर आदि कई बीमारी हो रही हे। फसल का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन और उन्नत फसल प्राप्त करने के लिए जैविक खाद का उपयोग करे। जैविक खाद के उपयोग से जहां फसल का उत्पादन अधिक तो होगा ही साथ ही साथ फसल की क्वालिटी भी उत्तम रहेगी। खेतों में जैविक खाद डालने से जो फसल उत्पादित होती हे उसके उपयोग से मनुष्य का स्वास्थ हमेशा ठीक रहता है। उन्होंने आगे कहा कि मिट्टी का परीक्षण करवाने के लिए मिट्टी का सैंपल ज़िग - ज़ैग तरीके से लें। कृषि विस्तार अधिकारी भारती परमार और सहायक तकनीकी प्रबंधक ममता कैथवाल ने भी विद्यार्थियों को पोशाक तत्व के बारे में बताया और मिट्टी को स्वस्थ रखने के तरीके बताए। स्कूल की विज्ञान शिक्षिका पुष्पा सांवले ने अधिक उत्पादन - स्वस्थ उत्पादन के तरीके बताए। स्वाइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना के द्वारा विद्यार्थियों ने मिट्टी हेल्थ की जानकारी ली और नए तरीकों को जाना। डॉ हरीश ने मिट्टी परीक्षण की आवश्यकता और उपयोगिता को अति आवश्यक माना और कहा कि जैसे हम खुद के शरीर का ख्याल रखते हैं उसी प्रकार धरती मां के स्वास्थ का ख्याल रखना हमारा परम धर्म और कर्तव्य है।