प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं और तत्परता का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में बंधक बनाए गए प्रतापगढ़ जिले के 53 आदिवासी मजदूरों को पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” के तहत सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मजेंद्रसिंह जोधा के मार्गदर्शन में थाना घंटाली के पुलिस निरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तत्काल महाराष्ट्र रवाना किया गया।
पुलिस के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को जानकारी सामने आई कि प्रतापगढ़ जिले के घंटाली, पीपलखूंट एवं पारसोला थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों से करीब दो माह पूर्व महिला एवं पुरुष मजदूरों को दलालों द्वारा मजदूरी के नाम पर ले जाया गया था। दलालों ने प्रति व्यक्ति 500 रुपये मजदूरी, भोजन एवं रहने की सुविधा का लालच देकर मजदूरों को इंदौर के रास्ते महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के अकलूज थाना क्षेत्र पहुंचाया।
वहां मजदूरों को अलग-अलग जमींदारों के गन्ने के खेतों में काम पर लगा दिया गया। दलालों ने जमींदारों से लाखों रुपये एडवांस में ले लिए, लेकिन मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। मजदूरी मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई तथा महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के भी मामले सामने आए।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना घंटाली पुलिस ने मजदूरों के परिजनों के साथ महाराष्ट्र पहुंचकर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और 13 महिलाओं एवं 40 पुरुषों सहित कुल 53 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
भोजन एवं वापसी का किराया नहीं होने पर प्रतापगढ़ पुलिस ने जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सभी मजदूरों की आवश्यक व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया।
इस संबंध में थाना घंटाली पर प्रकरण क्रमांक 128/2025 दर्ज कर षड्यंत्र में शामिल दलालों एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। रेस्क्यू किए गए सभी मजदूरों को उनके गांव सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है।