प्रतापगढ़। लंबे समय से विवादित नाले को लेकर प्रतापगढ़ में चल रही खींचतान अब सियासी और प्रशासनिक स्तर पर नया मोड़ ले चुकी है। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बांसवाड़ा से चित्तौड़गढ़ जाते समय मार्ग बदलकर प्रतापगढ़ पहुंचकर नाले का मौके पर निरीक्षण किया।
मंत्री खर्रा ने न सिर्फ नाले की भौतिक स्थिति का जायजा लिया, बल्कि पूरे विवाद से जुड़े दस्तावेजों को भी तलब कर उनका अध्ययन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि दो दिनों के भीतर नाले विवाद का स्थाई समाधान कर निर्णय लिया जाएगा और जनता के हित में उचित कदम उठाए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान नगर परिषद सभापति, विधायक प्रतिनिधि और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच पत्राचार की जानकारी मंत्री को दी गई। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर के कथित एरियल रवैये की शिकायत भी उनके सामने रखी। इस पर मंत्री ने कहा कि नौकरशाही को जनता और जनप्रतिनिधियों पर हावी नहीं होने दिया जाएगा और गलती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि उदयपुर और बांसवाड़ा दौरे के दौरान उन्हें प्रतापगढ़ की स्थिति की गंभीर जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात समझने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि केवल कागजात देखकर नहीं, बल्कि जमीन पर स्थितियों का निरीक्षण कर ही निर्णय लिया जाएगा।
प्रतापगढ़ में नाले को लेकर कलेक्टर और नगर परिषद सभापति के बीच चल रहे टकराव का मामला अब सीधे राज्य सरकार के संज्ञान में आ गया है। मंत्री के दौरे के बाद यह साफ संकेत मिलते हैं कि सरकार विवाद के समाधान के लिए सक्रिय कार्रवाई करेगी।