मनासा। विद्या भारती मालवा प्रांत, ग्राम भारती मनासा द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर कंजार्डा (वराह) में जिला स्तरीय आचार्य सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिले के 28 विद्यालयों से लगभग 150 आचार्य एवं आचार्य दीदियों ने सहभागिता कर शिक्षा के विविध आयामों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आचार्य की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना, शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करना तथा समाज में समरसता की भावना जागृत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदना सत्र के साथ हुआ। अतिथियों कैलाश धनगर (सह प्रांत प्रमुख, मालवा), हेमलता धाकड़ (सदस्या, प्रांतीय समिति एवं अध्यक्ष ग्राम भारती नीमच), मोतीलाल धाकड़ (सदस्य ग्राम भारती मनासा) एवं संतोष मेवाड़ा (जिला प्रमुख ग्राम भारती मनासा) द्वारा सरस्वती, प्रणवाक्षर ‘ॐ’ एवं भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण कर सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया गया।
प्रथम सत्र में कैलाश धनगर ने आचार्यों के दायित्व और शिक्षा में मूल्यों की भूमिका पर अपने विचार रखे। द्वितीय सत्र में हेमलता धाकड़ ने सप्तशती, सामाजिक समरसता एवं कुटुंब प्रबोधन विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
समापन सत्र में विद्या भारती मालवा प्रांत के संगठन मंत्री योगेश शर्मा, ग्राम भारती मनासा के अध्यक्ष मदनलाल झंवर एवं सचिव यशवंत सोनी मंचासीन रहे। योगेश शर्मा ने आचार्य की परिकल्पना, सामाजिक भूमिका एवं समरसता के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रेमसुख पाटीदार, गोपाल बसेर, शिवसेन, कैलाश कुंवर (सचिव ग्राम भारती नीमच) सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बनवारीलाल मोड़ ने किया एवं आभार प्रदर्शन सचिव ग्राम भारती मनासा यशवंत सोनी ने किया। उक्त जानकारी हीरालाल रावत द्वारा दी गई।