मनासा। ब्लॉक के ग्राम आमदखेड़ी में पुनर्याेजी खेती को लेकर किसानों को जागरूक करने हेतु सॉलिडरिडाड संस्था एवं यूरोपीय संघ (ईयू) समर्थित परियोजना के अंतर्गत पुनर्याेजी कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक जागरूकता नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए प्राकृतिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने हेतु प्रेरित करना रहा।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से बताया कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के लगातार उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में गिरावट आ रही है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके विपरीत पुनर्याेजी कृषि अपनाने से मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होता है, जल संरक्षण संभव होता है तथा फसलों की गुणवत्ता में सुधार के साथ किसानों की आय में वृद्धि होती है। नाटक में फसल चक्र, हरी खाद, जीवामृत तथा प्राकृतिक कीट नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल, रोचक एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिससे किसानों को खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण किसानों ने सहभागिता की। किसानों ने नुक्कड़ नाटक की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नई तकनीकों को अपनाने में सरल होते है।