नीमच। सब्जी मंडी के पास जिला अस्पताल मार्ग, जिसे स्थानीय लोग लेबर चौक के नाम से जानते हैं, पर सुबह 7 बजे से ही सैकड़ों मजदूर काम की तलाश में जमा होते हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश मजदूर महीने के केवल 8 से 10 दिन ही काम पा रहे हैं, जबकि बाकी दिन खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हैं।
स्थानीय मजदूरों का आरोप है कि हाल के समय में बाहर से आए मजदूरों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। ये बाहरी मजदूर प्रशासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम दरों पर काम करने को तैयार रहते हैं, जिससे स्थानीय मजदूरों का हक प्रभावित हो रहा है।
सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। मजदूरों ने कहा कि बाहर से आए कई लोग स्पष्ट रिकॉर्ड और पहचान के बिना काम करते हैं, जिनमें से कुछ संदिग्ध गतिविधियों में भी संलिप्त हैं।
मजदूरों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मांग की कि सभी स्थानीय मजदूरों का पंजीयन कर मजदूर डायरी जारी की जाए। साथ ही शासन की कल्याणकारी योजनाओं और शहर में चल रहे सरकारी निर्माण कार्यों में इन पंजीकृत मजदूरों को प्राथमिकता दी जाए और मजदूरी के निर्धारित रेट लागू कर शोषण रोका जाए।
श्रमिकों का कहना है कि रोजगार न मिलने पर उनके परिवार के पालन-पोषण में गंभीर संकट उत्पन्न होगा। उन्होंने कलेक्टर से अपील की कि मजदूर चौराहा पर आने वाले मजदूरों का पंजीयन कर उन्हें नियमित रोजगार मुहैया कराया जाए।