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January 1, 2026, 5:57 pm
KHABAR : लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार, पत्रकारों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, बोले- सुरक्षा कानून लागू हो, नहीं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन, पढ़े खबर 

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नीमच। जिले के पत्रकारों ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों, अपमान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन के विरोध में गुरुवार को एकजुट होकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने हाल ही में सीहोर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई घटनाओं पर आक्रोश जताते हुए राज्य सरकार से तत्काल पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की।

पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल-
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाने पर वरिष्ठ पत्रकारों के साथ सार्वजनिक मंचों से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। सीहोर जिले के आष्टा में पुलिस द्वारा पत्रकारों से मारपीट और कैमरा छीनने की घटना को गंभीर बताते हुए कहा गया कि इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। आरोप लगाया गया कि साक्ष्य मिटाने के लिए फुटेज तक डिलीट किए गए, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

संविधान का हवाला-
ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकारों को डराना-धमकाना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता नजर नहीं आ रही है। पत्रकारों ने दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रमुख मांगें-
- पत्रकारों से दुर्व्यवहार करने वाले जनप्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई
- आष्टा घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी
- पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच
- पत्रकार हित में पूर्व में की गई घोषणाओं को लागू किया जाए
- लंबे समय से लंबित पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू किया जाए

आंदोलन की चेतावनी-
पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो जिले सहित पूरे प्रदेश के पत्रकार सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कलेक्टर से ज्ञापन राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आग्रह करते हुए पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

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