देवास। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत की घटना के बाद देवास जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित किसी भी खतरे को टालने के उद्देश्य से शनिवार को देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने शहर के नागदा क्षेत्र पहुंचकर जल प्रदाय व्यवस्था का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार, नगर निगम सभापति रवि जैन, क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि रामचरण पटेल, पार्षद मुकेश मोदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने क्षेत्र में सप्लाई हो रहे पानी के सैंपल भी लिए, ताकि पानी की गुणवत्ता की जांच कर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते दूर किया जा सके।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय रहवासियों के साथ चौपाल लगाकर चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण में सामने आया कि कुछ स्थानों पर नलों की स्थिति ठीक नहीं है और कहीं-कहीं नालियों का गंदा पानी जल प्रदाय लाइनों के पास बह रहा है, जिससे दूषित पानी की आशंका बनी हुई है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार और निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देवास की जनता को किसी भी हालत में दूषित पानी नहीं मिलने दिया जाएगा और जिले में जल प्रदाय व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
वहीं नगर निगम सभापति रवि जैन ने कहा कि नगर निगम पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। पानी की गुणवत्ता को लेकर नियमित जांच की जा रही है और जिन क्षेत्रों में तकनीकी या संरचनात्मक समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जा रहा है। निगम का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचे।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं से गंदा, बदबूदार या संदिग्ध पानी आए तो तुरंत नगर निगम या प्रशासन को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।