मंदसौर। मनरेगा की मूल भावना को कमजोर करने वाले नए नियमों के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम सम्मेलन एवं संगठन सृजन अभियान की शुरुआत मल्हारगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनासा खुर्द से की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों, मजदूरों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नटराजन ने कहा कि नए मनरेगा नियम मजदूर विरोधी हैं। आधार आधारित भुगतान, सख्त तकनीकी शर्तें और कार्य सीमाएं बढ़ाकर सरकार गरीबों को योजना से बाहर करने का प्रयास कर रही है। इससे ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार और गरीबों के अधिकारों की यह लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी। सम्मेलन के दौरान उन्होंने ग्रामीण मजदूरों एवं महिलाओं से मनरेगा से जुड़े सवाल पूछे और उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि नए नियमों से मनरेगा की सरलता समाप्त हो गई है। ऑनलाइन प्रक्रियाएं, भुगतान में देरी और काम घटने से मजदूर परेशान हैं। कांग्रेस पार्टी इन नियमों का विरोध कर मनरेगा को पहले की तरह प्रभावी और मजबूत बनाने की मांग करेगी। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में जिले के सभी ब्लॉकों के गांवों में चौपाल आयोजित कर केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत कमेटी के गठन की भी शुरुआत की गई। प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। संगठन के माध्यम से गांव-गांव मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मनरेगा बचाओ संग्राम सम्मेलन को वरिष्ठ नेताओं, ब्लॉक अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अजर हयात मेव ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा ने माना।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव सोमिल नाहटा, मुकेश पोरवाल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मजीत सिंह टुटेजा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं दूर-दराज से आए ग्रामीण मौजूद रहे।