प्रतापगढ़। सर्किट हाउस प्रतापगढ़ के प्रांगण में शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में एक विशाल प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता का उद्देश्य केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मूल स्वरूप में बदलाव, बजट में कटौती तथा योजना का नाम बदलने की कथित कोशिशों को जनता के सामने उजागर करना रहा।
प्रेस वार्ता को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हंगामीलाल मेवाड़ा ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि मनरेगा कोई योजना मात्र नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए एक कानूनी अधिकार है। यह कांग्रेस की यूपीए सरकार और तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एवं सोनिया गांधी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने करोड़ों ग्रामीणों को काम का अधिकार दिया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को धरातल पर उतारा। योजना का नाम बदलने की चर्चा बापू के आदर्शों और गरीबों के सम्मान पर सीधा हमला है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत ने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने की राजनीति में लगी हुई है। महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास देश की ऐतिहासिक विरासत का अपमान है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
नेताओं ने मनरेगा के बजट में लगातार की जा रही कटौती पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। मजदूरी में देरी के कारण ग्रामीणों का विश्वास टूट रहा है और वे पलायन को मजबूर हो रहे हैं।
तकनीकी जटिलताओं पर बोलते हुए राणावत ने कहा कि ऑनलाइन हाजिरी (छडडै) और आधार आधारित भुगतान जैसी व्यवस्थाएं बिना पर्याप्त तैयारी के लागू की गई हैं। नेटवर्क की समस्या के चलते मजदूरों की हाजिरी नहीं लग पा रही, जिससे उनकी दिहाड़ी कट रही है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें मनरेगा का बजट बढ़ाकर कम से कम दो लाख करोड़ रुपये करने, कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 150 करने, योजना का नाम यथावत रखने, 15 दिनों में भुगतान सुनिश्चित करने तथा तकनीकी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग शामिल है।
अंत में मेवाड़ा ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने जनविरोधी नीतियां वापस नहीं लीं, तो कांग्रेस गांव-गांव आंदोलन करेगी। वहीं जिला अध्यक्ष राणावत ने बताया कि 11 जनवरी 2026, रविवार को महात्मा गांधी चौराहे पर मनरेगा को बचाने और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु एक दिवसीय शांतिपूर्ण उपवास एवं विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में धरियावद के पूर्व विधायक नगराज मीणा, धरियावद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम पुरी, जिला कोषाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य पिंकेश पटवा, जिला प्रवक्ता मोहित भावसार, जिला सचिव अशोक धोबी, पर्यावरण प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष खातूराम मीणा, सुहागपुर प्रधान भारत पारगी सहित जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।