मुरैना। जिले के लेपा गांव की एक प्रसूता महिला की खड़ियार स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी कराई गई थी।लेकिन डिलीवरी के बाद महिला के नवजात बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिस पर डॉक्टरों ने तत्काल प्रसूता महिला और उसके बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया।
आरोप है कि इसी दौरान 108 एंबुलेंस चालक द्वारा प्रसूता महिला के परिजनों से रुपए मांगे जा रहे थे, और इलाज में देरी की आशंका बढ़ गई।
मामले की सूचना मिलते ही सिहोनिया थाना क्षेत्र की 112 डायल में पदस्थ आरक्षक अनमोल तोमर और डायल 112 के पायलट ने मानवता का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए तुरंत प्रसूता महिला अनुदेवी पत्नी टिंकू सिंह तोमर निवासी लेपा गांव और उसके नवजात बच्चे को अपनी गाड़ी से रविवार करीब 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला और बच्चे को आवश्यक इलाज मिल सका। स्थानीय लोगों ने 112 डायल स्टाफ की इस संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की है।
जहां एक ओर सरकारी एंबुलेंस सेवा में लापरवाही और अवैध वसूली पर सवाल खड़े होते है,तो वहीं दूसरी ओर पुलिस के जवानों द्वारा निभाई गई इंसानियत समाज के लिए एक मिसाल पेश होती हैं।