चित्तौड़गढ़। राजस्थान में पिछले तीन वर्षों से बंद पड़े छात्र संघ चुनावों को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जिलेभर में विरोध प्रदर्शन किया। एबीवीपी की विभिन्न महाविद्यालय इकाइयों ने कॉलेज परिसरों में नारेबाजी करते हुए छात्र संघ चुनाव बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे।
एबीवीपी जिला संयोजक अदिति कंवर भाटी ने बताया कि छात्र संघ चुनाव केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने और नए नेतृत्व को तैयार करने का लोकतांत्रिक माध्यम हैं। पिछले तीन वर्षों से चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी महाविद्यालयों में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इनमें प्रदेश में छात्र संघ चुनावों की बहाली, अकादमिक कैलेंडर के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य, महाविद्यालयों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, सभी कॉलेजों में स्थाई प्राचार्यों की नियुक्ति तथा राजस्थानी भाषा के लिए महाविद्यालयों में अलग विभाग की स्थापना प्रमुख हैं।
जिला संयोजक अदिति कंवर भाटी ने कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो एबीवीपी आंदोलन को और तेज करेगी।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्र संघ चुनावों को लेकर उनकी भूमिका दोहरे मापदंड वाली रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान चित्तौड़गढ़, बस्सी, बेगूं, गंगरार, कपासन, घोसुंडा, निम्बाहेड़ा एवं सांवरिया जी महाविद्यालय इकाइयों में छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।