चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कलेक्ट्रेट परिसर में अफीम किसानों के धरने का समर्थन करते हुए केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भजनलाल सरकार से किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय को तत्काल समाप्त करने की मांग की।
जाड़ावत ने कहा कि अफीम किसानों से पिछले आठ वर्षों के पुराने डोडा चूरा (पोस्त) का स्टॉक या हिसाब मांगना पूरी तरह अव्यावहारिक है। उनका कहना था कि कुछ ही महीनों में खराब या नष्ट हो जाने वाले अवशेष को वर्षों बाद प्रस्तुत करने की अपेक्षा करना किसानों का उत्पीड़न है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई का भय दिखाकर किसानों पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण नारकोटिक्स विभाग एवं संबंधित विभाग किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे हैं। सरकार को किसानों को प्रताड़ित करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए और इस आदेश को वापस लेना चाहिए।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में किसानों को इस प्रकार के नोटिस जारी कर परेशान नहीं किया गया। वर्तमान में आठ वर्ष पुराने डोडा चूरा का हिसाब मांगना किसानों के साथ अन्याय है।
जाड़ावत ने कहा कि किसान पहले से ही लगातार बारिश, समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने और फसलों के नुकसान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को राहत देने के बजाय किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चित्तौड़गढ़ के प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए सदैव उनके साथ खड़ी है। उन्होंने सरकार से किसानों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें शीघ्र राहत देने की मांग की।