नीमच। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अफरा-तफरी मच गई, जब सिंगोली तहसील के धारडी गांव निवासी कमलेश रेगर रोते-बिलखते कार्यालय परिसर में पहुंचा। सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए उसे शांत कराया और उसके बाद पीड़ित ने अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए लिखित आवेदन सौंपा।

कमलेश रेगर ने आवेदन में आरोप लगाया कि वह एक गरीब अनुसूचित जाति का मजदूर है और उसके साथ लगातार जातिगत भेदभाव, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपी रणवीर सिंह ठाकुर द्वारा उन्हें जातिसूचक गालियाँ दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई है।

पीड़ित ने कहा कि आरोपी उसके खिलाफ झूठी बातें फैलाकर जहां-जहां वह काम करने जाता है, वहां उसकी छवि खराब कर देता है, जिससे उसके रोजगार के अवसर समाप्त हो गए हैं। इससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। सामाजिक अपमान के कारण रिश्ते-नातों पर भी असर पड़ा है।

कमलेश रेगर ने आशंका जताई कि यदि उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसका जिम्मेदार आरोपी होगा। उन्होंने प्रशासन से अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।

अधिकारियों ने आवेदन की गंभीरता को देखते हुए जांच कर नियम अनुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
