प्रतापगढ़। कांग्रेस संगठन में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक मंथन और अटकलों के बाद आखिरकार पार्टी हाईकमान ने बड़ा दांव खेलते हुए दिग्विजय सिंह कुलथाना को प्रतापगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इस नियुक्ति से जिले की राजनीति में नई ऊर्जा के संचार और संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला अध्यक्ष पद की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आए थे। इनमें जिला प्रमुख इंदिरा मीणा, सचिन पायलट गुट से जुड़े भानु प्रताप सिंह राणावत और ठाकुर दिग्विजय सिंह कुलथाना प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। राजनीतिक गलियारों में पहले यह माना जा रहा था कि सचिन पायलट गुट का पलड़ा भारी है, लेकिन अंतिम समय में समीकरण बदले और बाज़ी दिग्विजय सिंह कुलथाना के हाथ लगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक रामलाल मीणा के प्रभाव तथा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अनुशंसा पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने यह नियुक्ति की। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी नियुक्ति पत्र में दिग्विजय सिंह कुलथाना को प्रतापगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष घोषित किया गया।
संगठन और जमीन से जुड़ा अनुभवी चेहरा-
दिग्विजय सिंह कुलथाना को संगठन का अनुभवी, जमीनी कार्यकर्ता और संतुलित नेतृत्व वाला नेता माना जाता है। छात्र राजनीति से लेकर पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर तक उनका लंबा व सक्रिय राजनीतिक सफर रहा है।
संक्षिप्त परिचय
नाम: दिग्विजय सिंह पुरावत
पिता का नाम: मोहन सिंह पुरावत
जन्मतिथि: 18 जून 1975
शैक्षिक योग्यता:
बीए – राजकीय पीजी कॉलेज, प्रतापगढ़
एमए – राजकीय पीजी कॉलेज, प्रतापगढ़
स्थायी पता: ग्राम कुलथाना, ब्लॉक प्रतापगढ़, जिला प्रतापगढ़
वर्तमान पता: 21, डाक बंगला, पैलेस रोड, प्रतापगढ़
राजनीतिक अनुभव
एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष, पीजी कॉलेज प्रतापगढ़ (1997–98)
सरपंच, ग्राम पंचायत कुलथाना (1978–1995)
उपसरपंच, ग्राम पंचायत कुलथाना (2015, 2020)
बूथ अध्यक्ष (1998, 2003 विधानसभा चुनाव)
सेक्टर प्रभारी – पंचायत समिति, जिला परिषद एवं विधानसभा चुनाव
चयनकर्ता प्रभारी – लोकसभा चुनाव (2009, 2014, 2019)
ब्लॉक सचिव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (2013–2018)
जिला महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी (2018–2023)
ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी प्रतापगढ़ (2023–2026)
कार्यकर्ताओं में उत्साह-
दिग्विजय सिंह कुलथाना की नियुक्ति के बाद जिलेभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई दिशा मिलेगी और आगामी पंचायत, निकाय व विधानसभा चुनावों में पार्टी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।